भा. कृ. अनु. प.-केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान,शिमला 

अधिदेश तथा उद्देश्य

अधिदेश तथा उद्देश्य

 

अधिदेश

अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (ए.आई.सी.आर.पी.) आलू का अधिदेश (मेनडेट) देश में आलू के उत्पादन, उत्पादकता तथा उपयोग को बढ़ाने के उद्देश्य से आलू की नई विकसित संकर किस्मों,  फसल उत्पादन से संबंधित खेती की प्रक्रियाओं, आलू आधारित लाभकारी फसल प्रणालियों की पहचान, पादप संरक्षण उपायों तथा खुदाई उपरांत प्रौद्योगिकी पर बहु-स्थानिक परीक्षणों की निगरानी तथा उनमें समन्वय का कार्य करना है। यह कार्यक्रम आलू उत्पादन तथा उपयोग से संबंधित विभिन्न सहभागियों के बीच एक सम्पर्क सूत्र के रूप में भी कार्य करता है।

 

उद्देश्य

अखिल भारतीय समन्वित अनुसंधान परियोजना (आलू) का समग्र उद्देश्य ”आलू की  किस्मों का विकास तथा विभिन्न कृषि-जलवायु क्षेत्रों में आलू की खेती के लिए उन्नत उत्पादन प्रौद्योगिकियों की पहचान” के माध्यम से सारे देश में उच्च समग्र उत्पादकता घटक को प्राप्त करने में सहायता करना है जिससे निम्नलिखित विशिष्ट उद्देश्यों के पूर्ण होने की आशा की जाती है।

  • उपभोक्ताओं तथा प्रयोक्ता वर्ग की प्राथमिकता तथा विभिन्न लक्षित वातावरण के अनुसार आलू की उन्नत किस्मों का विकास/पहचान ।
  • विभिन्न क्षेत्रों के लिए उपयुक्त खेती की प्रक्रियाओं तथा आलू आधारित लाभकारी फसल प्रणालियों की पहचान।
  • विभिन्न कृषि-जलवायु में आलू के रोग/कीटों तथा अन्य समस्याओं की निगरानी तथा उनके नियंत्रण/प्रबंधन हेतु उपयुक्त उपाय करना।
  • रोग-मुक्त आलू के बीज के उत्पादन हेतु उपयुक्त क्षेत्रों की पहचान।
  • आलू की खुदाई-उपरांत नुकसान को न्यूनतम करने के लिए प्रौद्योगिकियों का विकास।
  • प्रौद्योगिकी आंकलन और परिष्करण
  • कृषि विश्वविद्यालयों, राज्य कृषि/बागवानी विभागों, कृषि विज्ञान केद्रों (के.वी.के.) तथा अन्य विकासशील/प्रसार एजेंसियों के साथ सम्पर्क विकसित करना।