भा. कृ. अनु. प.-केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान,शिमला 

विजन 2050

भविष्य में, गंभीर खाद्य सुरक्षा से उबरने के लिए आलू एक अच्छा विकल्प है। आलू प्रसंस्करण में तेजी से विकास को ध्यान में रखते हुए बढ़ती हुई जनसंख्या के साथ भविष्य में खाद्य सुरक्षा प्रदान करने में भी आलू की भूमिका बढ़ रही है, वर्ष 2050 में आलू की अनुमानित मांग 125 मिलियन टन होगी। वोफोस्ट (WOFOST) मॉडल के अनुसार, वर्ष 2050 में आलू की पैदावार 34.51 टन/हेक्‍टेयर होगी तथा आलू की आंकलित मांग को पूरा करने के लिए हमें 3.62 मिलियन हेक्‍टेयर क्षेत्रफल की आवश्यकता होगी। (चावल और गेहूं के बीच क्रमिक रूप से) कम अवधि वाली आलू प्रजातियों के विकास के लिए प्रजनन कार्य पर जोर दिया जा रहा है।